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मंगलवार, 10 दिसंबर 2013

सर्दी को रोकिए मत

सर्दी-जुकाम होते ही अक्सर लोग कोल्डारिन वगैरह जैसी अंग्रेजी दवाएं खाकर उसे रोक देत हैं। सर्दी जुकाम शरीर की एक स्वाभाविक सफाई क्रिया है। हम रोज कोई न कोई कफकारक पदार्थ खाते हैं, इससे शरीर में कफ बढ़ता रहता है। जब कफ ज्यादा मात्रा में शरीर मे जमा हो जाता है, तो शरीर इसकी सफाई शुरू करता है। यह सफाई प्रक्रिया ही सर्दी है। यह कोई बीमारी नहीं है इसलिए दवा खाने की जरूरत नहीं है। सर्दी-जुकाम के माध्यम से शरीर में जमा कफ का निष्कासन होता है। पहले नाक व आँखों से पतला पानी बहने लगता है, छींके आती है। फिर नाक से गाढ़ा स्राव होने लगता है। इसके बाद खाँसी शुरू हो जाती है और खाँसी में गले के रास्ते फेफड़ों में जमा कफ का निष्कासन होने लगता है। अब अगर आपने कोई दवा खाकर इस प्रक्रिया को ब्रेक लगा दिया, तो यह गंदगी शरीर में ही रुक जाएगी और आगे चलकर कोई बड़ा रोग पैदा करेगी। इसलिए सर्दी को रोकिए मत, निकल जाने दीजिए। कफ के तीव्र निष्कासन के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं जैसे-
1-शहद में अदरक का रस मिला कर दिन में दो-तीन बार लीजिए
2-केले के पेड़ के सूखे पत्ते को जला कर उसकी राख बना लीजिए, इस राख को एक शीशी में भर कर रख लें।
   जब भी सर्दी-खाँसी हो थोड़ी सी राख शहद में मिला कर दिन में दो तीन बार लीजिए। इससे कफ तेजी से
  निकलने लगता है।
3-बहेड़ा के छिलके किसी आयुर्वेदिक औषधी की दूकान से ले आइए, एक छिलका मुँह में रख कर चूसते रहिए।
   यह कफ का निष्कासन सुगमता से करता है और जब तक मुँह में रहे खाँसी नहीं आती।
4- अदरक को छील कर उसके छोटे-छोटे टुकड़े मुँह में ऱख कर चूसने से भी कफ आसानी से निकल जाता है।
5-लौंग भी सर्दी के निष्कासन में मददगार होता है, मुँह में रख कर लौंग चूसते रहें। रात को सोत समय अगर
   मुँह में एक लौंग रख कर सोएं तो सुबह गला अच्छा साफ हो जाता है।
6-गर्म पानी में नमक मिला कर गरारे करने से गले में जमा कफ की अच्छी सफाई हो जाती है।
7-जो लोग योग करते हैं वे जलनेती का प्रयोग करें तो नाक में जमा कफ की अच्छी सफाई हो जाती है।
8-एक दो ताजे आँवले का रस निकाल कर शहद में मिला कर लेने से भी कफ की सफाई हो जाती है। 

1 टिप्पणी:

  1. श्रीमानजी क्या बोलने पर तेज आवाज होती है उसको कम करने का उपाय है

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