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शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

अलसी कुछ सावधानियाँ


एक सज्जन आए और शिकायत करने लगे, सर आजकल अलसी खाने के बाद उबकाई आने लगती है। पहले तो ऐसा नहीं होता था। मैंने पूछा आप अलसी कैसे ले रहे हो? कहने लगे एक किलो अलसी लाया था, पीस कर डिब्बे में भर दी। रोज दो चम्मच पानी के साथ ले रहा हूँ। अरे भले मानुस यही तो गलती कर दी आपने। हम हमेशा लोगों को हिदायत देते हैं कि अलसी को अगर रोज ताजा पीस कर लें तो अच्छा। अगर ऐसा नहीं कर सकें तो दो-तीन दिन के लिए खाने योग्य मात्रा में ही पीसे इससे ज्यादा नहीं। पीसने के बाद अलसी आक्सीजन के सम्पर्क में आकर खराब होने लगती है। मुख शुद्धि का नुस्खा भी ज्यादा नहीं बनाएं। कुछ लोग तिल्ली, सौंफ और अलसी को इकट्टा पीस कर डिब्बे में भर लेते हैं और खाते रहते हैं। यह मिश्रण भी अल्प मात्रा में तैयार करें। खत्म होने पर पुनः बना लें। बाजार में इसके पाऊच भी मिलते हैं। पता नहीं वे कितने पुराने हो चुके होते हैं। अलसी को आलस बर्दाश्त नहीं है। इसलिए आलस न करें, तो अच्छा। वर्ना वांछित लाभ की जगह हानि हो सकती है। अलसी को साफ करते समय उसमें अलसी के टूटे हुए टुकड़े हों तो उन्हें भी चुन-चुन कर फेंक देना चाहिए।
1. कुछ लोगों की शिकायत है कि अलसी खाने से उन्हें कब्ज होने लगता है। ऐसा शायद इसलिए होता है कि वे पानी कम पीते हैं। शुरू में टाइट मोशन की शिकायत हो सकती है। दो-चार दिन में यह ठीक हो जाती है। ऐसे व्यक्ति अलसी का दो चम्मच पावडर प्रातःकाल गर्म जल के साथ लें तो अधिक अच्छा रहेगा।
2.जो खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें भी अलसी का सेवन डाक्टर से पूछ कर करना चाहिए। क्योंकि अलसी भी खून को पतला करती है। ऐसे में दवा की मात्रा कम करके फिर अलसी का प्रयोग किया जा सकता है।
3. अलसी की कितनी मात्रा प्रतिदिन लेनी चाहिए, इस बारे में डा.ओपी वर्मा का अभिमत है कि तीस ग्राम यानि तीन चाय चम्मच अलसी प्रतिदिन लेनी चाहिए। मेरा अनुभव इस बारे में अलग है। हर व्यक्ति की केमेस्ट्री जुदा-जुदा होती है। किसी को एक चम्मच तो किसी को तीन चम्मच अलसी की जरूरत हो सकती है। इसलिए व्यक्ति स्वयं तय करे कि उसे कितनी अलसी लेना चाहिए।
4. अलसी भून कर लें या कच्ची यह सवाल भी किया जाता है। दोनों तरह से अलसी ली जा सकती है। अगर भून कर लेते हैं, तो हल्का भूने अधिक नहीं। वैसे डा.योहान बुडविज तो कच्ची अलसी लेने की सिफारिश करती थीं।
5. कुछ लोगों ने सवाल पूछा था कि अलसी अगर पुरानी हो तो उसका सेवन करें या नहीं। मैंने अलसी गुरु डा.ओपी वर्मा से सम्पर्क किया, उनका अनुभव है कि अगर साबुत है तो पुरानी भी खाने में हर्ज नहीं है। साबुत अलसी कईं दिनों तक खराब नहीं होती।
6.कुछ लोगों ने यह सवाल किया कि अलसी की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसे गर्मी के दिनों में खाना उचित है अथवा नहीं। मेरा अपना अनुभव है कि इसे गर्मी में भी खाया जा सकता है। मैं तो खाता हूं, मुझे कोई हानि नहीं होती। लेकिन अन्य लोगों के लिए सुझाव है कि वे खाकर देखें साथ ही पानी अधिक पीएं। फिर भी अगर लगे कि उन्हें अलसी से गर्मी में हानि होती है तो सेवन बंद कर दें।
7.एक महाशय ने पूछा कि भूनी हुई साबुत अलसी अगर पीसें नहीं और यूं ही चबा कर खाएं तो क्या हर्ज है। कोई हर्ज नहीं है। अगर आपके दांत सलामत हैं और अच्छी तरह चबा कर खा सकते हैं तो खाएं। लेकिन बिना चबाए निगलें नहीं, वरना वह पचे बिना ऐसे ही निकल जाएगी, क्योंकि म्युसिलेज के कारण अलसी चिकनी होती है।

23 टिप्‍पणियां:

  1. महत्वपूर्ण जानकारी संक्षिप्त मे बताने के लिए धन्यवाद......
    मैंने आलसी को भून कर रखा है जिसे रोज पीस कर लेता हु क्या ये उचित है ????

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    1. maine alsi bhun kar rakh rakhi he ise aise hi chaba kar kha leti hu iska koi nuksan to nahi hoga or garmiyo me ese khaya ja sakta he ye garam to nahi hoti ?

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    2. agar alsi khanew se he sub kuch theek rahta ya ho jasta hey to phir kya jaroorat hey doctor aur midicene ki!!!!!!!! bus alsikhye jaooo

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  2. VERY HELPFUL KNOWLEDGE FOR EVERYONE-----

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  3. maine alsi bhun kar rakh rakhi he ise aise hi chaba kar kha leti hu iska koi nuksan to nahi hoga or garmiyo me ese khaya ja sakta he ye garam to nahi hoti ? PLEASE KOI TO BATAO

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    1. BHUNJ PEES KAR KHAYA JANA JYADA LABH KARI HAI, GARMI ALSI KA PRAYOG NA KARE

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  4. yadi aapke daant (TOOTH ) me cavity hai to alsi khane se dard badh jayega aisa maine kai baar anubhav kiya hai .

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  5. Very useful information it may be very beneficial for the man kind. As it is very cost effective and no side effects. Everywhere available desi khija.

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  6. मैने वाजीकरण औषधी मसलन मूसली, सतावर, अश्वगंधा,शिलाजीत, कौंच बीज वगैरह का चूर्ण बनाकर उसमें 100 ग्राम अलसी का चूर्ण भी मिला दिया है। ये मिश्रण 5 ग्राम रोजाना लेने से कोई अलसी का कोई नुकसान तो नहीं होगा। मतलब, अलसी खराब तो नहीं होगी..?

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  7. मैने वाजीकरण औषधी मसलन मूसली, सतावर, अश्वगंधा,शिलाजीत, कौंच बीज वगैरह का चूर्ण बनाकर उसमें 100 ग्राम अलसी का चूर्ण भी मिला दिया है। ये मिश्रण 5 ग्राम रोजाना लेने से कोई अलसी का कोई नुकसान तो नहीं होगा। मतलब, अलसी खराब तो नहीं होगी..?

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  8. क्या..सामान्य स्वस्थ पुरूष को कौंच पाक, सफेद मूसली,अस्वगन्धा आदि लेना चाहिये

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  9. Ky alsi ko raat me pani me gala kar subh sevan kiya ja skta he

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  10. Kya alsi or methidana ko sath m piskar laddu bna sakte hh

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  11. alsi ka pcod me best trika kya h.please tell me .l bless you

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  12. कच्ची अलसी को केसे भुना जाए

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  13. Mene 1-2 saal pehle bhuni hui aur namak lagi alsi ka market se packet khareeda tha ...PR abhi tk usse puri tarah nahi kha payi...Abb uss alsi se oily smell aane lagi hai...Aur uska kurkura pan bhi chala gaya hai... Kya mujhe woh alsi khana chahiye...Dekhne me alsi pehle jaise hi hai...Upar se kharab nahi dikh rahi

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  14. Mere father ko kabz aur gas ki sikhayat h...unhe kitni Matra me alsi leni chie aur kaise...aur kacchi alsi Chaba kr Kani hai ya bhunkar...pls jaldi banaye mere father kuch zyada hi pareshan rehte h kabz ki wajah se

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  15. मैने जब भी अलसी खाई उसके तो तीन चार दिन तक खाने के बाद मुझे गुप्तांग पर और इसके आसपास बालतोड जैसी फुंसी की समस्या हो जाती है, मैने यह तीन चार बार किया हर बात यही समस्या होती है । लेकिन इसके अलावा मुझे फायदा ये हुआ कि इसको खाता हूं तो पेट और सीने में जलन नहीं होती ।

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