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सोमवार, 30 जुलाई 2012

अलसी, दही और शहद का चमत्कार

करनाल हरियाणा के श्री पुरुषोत्तम बंसल को अलसी और शहद के सेवन से अभूतपूर्व लाभ हुआ। उन्होंने अपनी कहानी अलसी गुरु डा.ओपी वर्मा को भेजी है। श्री बंसल पिछले 34 साल से शहद का टेस्टिंग कर रहे हैं। वे इरिटेबल बावेल सिन्ड्रोम से पीड़ित थे। भूख बहुत कम लगती थी। पाचन शक्ति कमजोर होने से दो साल में 17 किलो वजन घट गया था। एलोपैथी, होमियोपैथी, आयुर्वेद सभी इलाज आजमा चुके लेकिन नतीजा सिफर रहा। वे जीवन से एक तरह निराश हो चुके थे। 2009 में उन्होंने अहा जिंदगी में डा.ओपी वर्मा का अलसी पर आलेख पढ़ा तो अलसी खाना शुरु की। रोज ताजा दही के साथ दो चम्मच पीसी अलसी और उसमें दो चम्मच शुद्ध शहद मिला कर लेने लगे। चंद दिनों में ही चमत्कारिक लाभ हुआ। पाचन सुधर गया, दस्त पतले होते थे तो बंधे हुए होने लगे। वजन भी बढ़ने लगा।  एंटीबायोटिक के बारबार सेवन से छुटकारा मिल गया।  सारी समस्याएं दूर हो गई। फिर तो उन्होंने डाक्टर वर्मा के निर्देश अनुसार कैंसर से पीड़ित अपने पिताजी का भी उपचार किया और उन्हें भी बहुत लाभ हुआ। वर्तमान में वे 54 वर्ष के हैं और शहद टेस्टिंग के कार्य में लगे हैं। अलसी और डा.वर्मा के शुक्रगुजार हैं, अहा जिंदगी में जिनके आलेख से उनकी जिंदगी में भी रौनक लौट आई।

3 टिप्‍पणियां:

  1. श्री ताम्रकर साहब ने श्री पुरुषोत्तम जी के अनुभव साझा करके यदाकदा के पाठको के लिए एक प्रेरणा देने वाला उत्कृष्ट आलेख प्रस्तुत किया है। उन्हें बहुत आभार। डॉ. ओम वर्मा

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  2. सर्दियों मैं हम ने अलसी की पिन्नी बना के पहली बार इस्तेमाल किया काफी लाभ हुआ और खुद से वादा किया हैं की हर सर्दियों मैं इससे आदत बना लेंगे |
    हमारी माता जी से बात भी हुई तब उन्होंने बताया की वे अपने बचपन मैं अलसी को सर्दियों में इस्तेमाल किया करते थे ।|

    और हम ने उनको १५ परिवार वालो के हर काम जैसे की कपडे धोना हाथो से ,सब के लिए खाना बनाना ,पिने का पानी लाना और बाकि सब काम करते हुए देखा हों शायद ये अलसी की ही महिमा थी जो वे सब कुछ कर पायी ।|

    डॉ। ओ. पी वर्मा जी का लेख पड़ा जिससे हमने अलसी को पाया उनका सादर आभार करते हम

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  3. आपको साधुवाद व धन्यवाद की आप इतना अच्छा कार्य कर रहे हैं जिससे सामान्य जन को इतना लाभ हो रहा है निश्चित ही आप बधाई के पात्र हैं।
    मेरी भी कुछ जिज्ञासा हैं कृपया इनका उत्तर देवें।

    1. क्या अलसी और सोयाबीन को एकसाथ इस्तमाल ​किया जा सकता है। इनके प्रयोग का क्या तरीका है और क्या सावधानियां रखनी चाहिये? कृपया विस्तार से बताएं। धन्यवाद

    2- बच्चों के लिए हैल्थ डींक बनाना चाहता हूं जो रोज सुबह दुध में दो चम्मच मिलाकर ​पिला दूं। इसमें मैं अलसी, सोयाबीन, बादाम, काजू, जौ, बाजरा, चना, पिस्ता, अखरोट, छुहारा, मुंगफली
    तो इसमें इनका अनुपात क्या होगा, या इनका तरीका क्या होगा दरअसल मैं बाजार में मिलने वाले काम्पलान या बोर्नविटा की जगह बच्चों को यह देना चाहता हूं। अगर इसी मिश्रण में मिठास के लिये आधा चम्मच शहद घोल दूं तो क्या यह नुकसान करेगा...कृपया शंकाओं का समाधान करें।

    यह मिश्रण देने के बाद बाद में अंडा और केला का नाश्ता दिये जाने में कोई परेशानी तो नहीं है।


    मेरे 2 बच्चे हैं लड़का 9 वर्ष और लड़की 8 वर्ष।
    और मैं और मेरी पत्नि खुद भी वह मिश्रण रोजाना ले सकते हैं या नहीं?

    हम चारों को डायबिटीज, हाई बीपी की परेशानी नहीं है।
    आपके जवाब का इंतजार रहेगा। धन्यवाद




    Thanks and Regards
    Mohammed Akhtar

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