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बुधवार, 14 सितंबर 2011

कितने खतरनाक हैं ये टूथपेस्ट


ताजा खबर है कि टूथपेस्ट में नौ सिगरेटों के बराबर निकोटिन पाया गया है। दिल्ली इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्युटिकल साइंस एण्ड रिसर्च(डिपसार) ने विभिन्न प्रकार के टूथपेस्ट और दंत मंजनों की जाँच की तो उनमें निकोटिन अत्यधिक मात्रा में मिला। इसके साथ ही यूजीनाल और टार भी पाई गई। फ्लोराइड भी जबरदस्त मात्रा में मिला। किसी-किसी पेस्ट में १८ मिलीग्राम तक निकोटिन मिला है। एक सिगरेट में दो से तीन मिलीग्राम निकोटिन होता है। इस हिसाब से एक पेस्ट में नौ-दस सिगरेट बराबर निकोटिन होता है। ताजगी के अहसास के लिए कंपनियाँ यह निकोटिन मिला कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ कैसा खिलवाड़ कर रही हैं। लुभावने विज्ञापन टीवी और पत्र-पत्रिकाओं में देख कर लोग इन्हें आँखे मूँद कर अपना रहे हैं। और अपने दाँतों के साथ देह पर भी कहर ढा रहे हैं। यूजीनाल भी मिलाया जा रहा है, जो दाँत के दर्द को तो कम करता है लेकिन दिल की धमनियों पर इसका गलत असर पड़ता है। टार कैंसर का कारक है, इससे भूख भी मरती है। जरा सोचिए, इन महँगे टूथपेस्टों से अपना प्राचीन दतौन कितना हितकारी है। आयुर्वेद में कईं तरह के दतौन करने का विस्तार से वर्णन मिलता है। प्राचीन समय में नीम, बबूल, वज्रदंती, बड़, पीपल आदि की टहनियों से दतौन किए जाते थे। और सालों साल दाँत सुरक्षित रहते थे। युवापीढ़ी इन महँगे टूथपेस्टों के चक्कर में पड़ कर दाँत और धन दोनों गँवा रही है। महँगे टूथपेस्टों के बाद भी दाँत खराब होने पर महँगी दंत चिकित्सा कराना पड़ती हैं। एक और घरेलू नुस्खा बहुत ही कारगर है-पीसी हल्दी, सेंधा नमक और सरसों का तेल तीनों का पेस्ट बना कर रोज सुबह शाम मंजन किया जाए तो हिलते दाँत भी मजबूत होने लगते हैं। दाँतों में ठंडा-गरम लगने की शिकायत भी दूर होती है। गन्ने के दिनों में गन्ना दाँतों से छील कर खाने से भी दाँतों की अच्छी सफाई और व्यायाम होता है। लेकिन अफसोस बरसों से आजमाये इन नुस्खों को भूल कर हम आधुनिकता के चक्कर में गलत चीजों की तरफ दौड़ रहे हैं।

1 टिप्पणी:

  1. महंगा और ऊपर से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक ... मानो करेला और नीम चढ़ा !!! कृपया अच्छा और अपनाने योग्य व्यवहारिक उपाय सुझाये ... तो इससे मुक्ति मिले !!!!

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